शुक्रवार, 24 जनवरी 2014

दुविधा



  ब्लॉग लिखना मेरा शौक नही है,पर क्या करू हमारे देश मे हो रही राजनितिक उठा पटक, सरकार द्वारा लिये गये गलत निर्णय और कुछ हद तक मेरी बेरोजगारी भी जिम्मेदार है ।
 अब आप सोचेंगे की राजनितिक उठ पटक का ब्लॉग लिखने से क्या संबंध?तो मै बता दूँ कि पिछले दिनो हमारे देश की राजनिति मे एक नये सितारे का जन्म हुआ,नाम अरविन्द केजरीवाल इनका जन्म मुख्य रूप से कांग्रेस विरोध और भ्रष्टार को खत्म करने और एक नये तरह की राजनैतिक विकल्प के रूप मे हुआ। जिसको लेकर हमारे देश के तमाम न्यूज चैनल ओर मिडिया प्रतिष्ठानो ने खूब हो हल्ला मचाया। कुछ राजनितिज्ञो ने इन्हे कांग्रेस की बी टीम तक बोला ।                            
  इनकी पार्टी को भारतीय राजनिति मे आये ज्यादा दिन भी नही हुये थे कि दिल्ली विधानसभा के चुनाव की घोषणा हुई और इनकी पार्टी ने चुनाव लड़ने का फैसला लिया और 28 सिटो पर अच्छा प्रदर्शन करते हुये जीत भी हासिल किया,भाजपा ने 32और कांग्रेस सिर्फ 8 सिटो पर सिमट कर रह गई।जब सरकार बनाने की बात आई तब इनका कांग्रेस विरोध बदलकर भाजपा विरोध हो गया जैसे की भाजपा की ही केन्द्र मे सरकार रही हो और सबसे भ्रष्ट भाजपा ही हो इससे उन रजनितिज्ञो की बात सच साबित हो गई की ये कांग्रेस की बी टीम है और इस तरह से इन्होने 15 से 20 दिनो तक पूरे दिल्ली मे राजनितिक अस्थिरता का माहौल बनाया और फिर कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाया। सरकार बनने के बाद जब इनको दिल्ली की जनता से किये गये वादो को पूरा करना चाहिये था तब ये अपने कैबिनेट के मंत्रियो को लेकर सड़क पर धरना देने बैठ गये उस जगह पर जहां धारा 144 लगी हुई थी और जहाँ से हमारे गणतंत्र के पर्व की तैयारीयाँ होनी थी और जब इनसे पूछा गया तो इन्होने देशद्रोही की तरह बयान देते हुये बोला कैसा 26जनवरी?कैसा गणतंत्र ।
  अब जबसे लोकसभा चुनाव की घोषणा हुई है तब से ये लोकसभा चुनाव की तैयारी मे लग गये है जिसके कारण दिल्ली मे दिल्ली की जनता के हित के लिये जो भी प्रशासनिक काम होने चाहिए थे वो ठप्प पड़ गये जिससे दिल्ली की जनता ठगी सी महसूस कर रही है ।
  कभी ये दिल्ली के मुख्यमंत्री होकर खुद कानून तोड़ते है,तो कभी ये और इनकी पार्टी के लोग देशद्रोहीयो की तरह बयान देते है।और तो और ये लोकसभा चुनाव की तैयरी भी कर रहे है जिससे की पूरे देश मे फिर से राजनितिक अस्थिरता फैला सके ।
  एक तो वर्तमान सरकार अपने गलत आर्थिक नितियो से पुरे देश मे बेरोजगारी का माहौल बना चुकी है दूसरी तरफ गरीब और गरीब तथा अमीर और अमीर होते जा रहे है।
  अब मै खुद दुविधा मे हूँ कि आने वाले लोकसभा चुनाव मे किस को वोट दु या जिसको वोट दे रहा हूँ वो अरविन्द केजरीवाल की तरह गिरगिट और देशद्रोही निकला तो? कौन मुझ जैसे बेरोजगारो के लिए नये रोजगार के अवसर सृजन कर पायेगा

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